मन ही मंदिर है


i the seeker

i sought after solace

i looked for liberation

in the constructs of human race.


i have visited

i have seen

i have been

in the halls that sing of salvation.


i say this now

i know it too

i believe you too

in the mind is the temple of gods.


and the heart is it’s life.


तरुण

ऐहसासों को पिरो कर कुछ जता सकता हूँ कभी पूरा कभी अधूरा शब्दों के उतार चढ़ाव में लय को पहचान सकता हूँ, कही बात की बात को बता सकता हूँ सुनी बात के मर्म को समझ कभी पूरा कभी अधूरा अपने अंतर्द्वंद को आवाज़

एक परछाई मन ने बनायी रौशनी उसे सामने लायी, छिपे तो अंधेरों में ख़याल हैं कितने देखो अगर तो प्यार है उनमें, लकीरों की गुज़ारिश सामने आयी एक परछाई मन ने बनायी। त