परछाई
- T
- Aug 5, 2021
- 1 min read
एक परछाई मन ने बनायी
रौशनी उसे सामने लायी,
छिपे तो अंधेरों में ख़याल हैं कितने
देखो अगर तो प्यार है उनमें,
लकीरों की गुज़ारिश सामने आयी
एक परछाई मन ने बनायी।
त
एक परछाई मन ने बनायी
रौशनी उसे सामने लायी,
छिपे तो अंधेरों में ख़याल हैं कितने
देखो अगर तो प्यार है उनमें,
लकीरों की गुज़ारिश सामने आयी
एक परछाई मन ने बनायी।
त
Comments